याद पुरानी
जी चावै के ! नाच ल्यूं ?
'कुल्हिया में हाथी'... एक विचार-जरा सोचिये, सृष्टि संवत --1972949127, कलियुगाब्द---5127, चैत्र शुक्ल प्रतिपदा- विक्रमी संवत-2083
डॉ कृष्ण के आर्य संघीकरण प्रतिज्ञा- कलियुग के आगमन का काल 3045 विक्रमी संवत वर्ष पूर्व रहा है। महाभारत काल में देश की सामरिक व्यवस्थाएं...
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