बुधवार, 22 दिसंबर 2010

प्याज की सरकार

      क्या प्याज में है पवार या पवार का है प्याज।
    आओ इसका पता लगाए, क्यूं मंहगा हुआ प्याज॥
                                                                   
            -प्याज की सरकार-                           

एक दिन गरीब की झोंपडी में,

        प्याज ने लगाया ठुमका।
थाली से उठकर वह,
        जा कोने में दुबका॥
अगले दिन साहुकार जी वहां,
        आ करके यूं बोला।
चलो तुम साथ मेरे,
        मैं लाया हूं झोला॥
झोले में आकर प्याज को,
        हुई खुशी बहुत सारी।
आज नही तो कल,
        मेरे लिए होगी मारा-मारी॥
एक दिन झोले पर,
        नजर पड़ी बड़ी भारी।
झांक कर देखा प्याज ने तो,
        सामने थे कालाबाजारी॥
कालाबाजारियों के झोले में गिरकर,
        प्याज ने आंसू बहाए।
बोला, नही सहन होता अब मुझसे,
        मै दूंगा सबको रूलाए॥
रोता हुआ बोला प्याज,
        क्या तुम्हे समझ न आए पवार।
क्यूं भूल गए हो तुम कि,
        मैंने पहले भी गिराई थी सरकार॥

कोई टिप्पणी नहीं:

For You

New Post

मुद्रिका

 डॉ. कृष्ण के आर्य मुद्रिका ज्ञान- श्रीकृष्ण ने आचार्य सांदीपनी से कहा कि वह मुद्रा अथवा मुद्रिका का ज्ञान प्राप्त करना चाहता हैं। अतः मुझ...