सोमवार, 27 अक्टूबर 2025

राधे-राधे

 राधे-राधे


       राधे, राधे, राधे, तू ओ३म् भूर् गा ले,

      ओ३म् भूर् गाले तू, भूव स्वः गा ले,

      राधे, राधे, राधे, तू ओ३म् भूर् गा ले,

      ओ३म् भूर् गाले तू, कष्ट मिटा ले, 

कष्ट मिटा ले तूं, खुशियां दिला दे, राधे, राधे, राधे...

सुख दिला तत्, सवितुर गा ले,

सूरज की भांति, जीवन उज्जवल बना ले,

वर योग्य ईश्वर, तू वरेण्यं गा ले,

भर्गाे से कर्मों को, शुद्ध बना ले,

शुद्ध बना ले तूं, खुशियां दिला दे, राधे, राधे, राधे...

भर्गाे है वह, तू उद्धार करा ले,

       देवस्य वह प्रभु, तू दिव्यता अपना ले,

धीमहि संग उससे, चिंतन लगा ले,

धियो के साथ तू, बुद्धि उत्तम पा ले,

बात ये मान ले तूं, खुशियां दिला दे, राधे, राधे, राधे...

‘यो’ है जो, ये मेरी बात मान ले,

       नः है हमारी, तू प्रचोदयात् सुना ले,

ईश स्तुति से तू, बुद्धि बल पा ले,

राधे राधे तू, ये सबको सुना ले,

सबको सुना दे तू, ‘केके’ को सुना दे, राधे, राधे, राधे...



डॉ. के. कृष्ण आर्य 


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